रेल दावा अधिकरण की वेबसाइट पर आपका स्वागत है

रेल प्रशासन को सौंपे गए समान के खो जाने,क्षय हो जाने या सुपुर्दगी न होने तथा यात्रियों के हताहत होने की दशा मे अथवा यात्री को रेल दुर्घटना मे हुई हानि की दशा मे रेल प्रशासन की जवाबदेही रेल अधिनियम-१९८९ मे इंगित है| रेल दुर्घटना के विक्टिम या रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को हुई हानि की स्थिति मे रेल उपयोगकर्ताओ को शीघ्र मुवावजा देने के लिए या किराया और माल भाडे की वापसी के मामलो के त्वरित निर्णय देने के लिए रेल दावा अधिकरण की स्थापना की गई थी | ऐसा सोचा गया था की इस तरह का न्यायिक और तकनिकी सदस्यों वाला दावा अधिकरण जिसकी पीठ देश के विभिन्न भागो मे हो रेल उपयोगकर्ताओ को अतिशीघ्र राहत देगा और नागरिक न्यायालयों का भार कम करेगा |

नया क्या है

रेल दावा अधिकरण ,प्रधान पीठ के हिन्दी पत्र/परिपत्र

सन्देश अपर रजिस्ट्रार दिनांक 08.09.2016 .

रेल दावा अधिकरण ,प्रधान पीठ कार्यालय में राजभाषा सप्ताह का आयोजन दिनांक 04.06.2015

रेल दावा अधिकरण के लिये अधिनियम ,१९८७

सन्देश रजिस्ट्रार दिनांक 24.01.2014 .

रेल दावा अधिकरण ,प्रधान पीठ कार्यालय में राजभाषा सप्ताह का आयोजन दिनांक 25.09.2013 .

गृह मंत्रालय द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रगामी- प्रयोग से संबंधित तिमाही प्रगति रिपोर्ट के प्रोफार्मो में संशोधन दिनांक 03.08.2013.

रजिस्ट्रार परिपत्र दिनांक 31.01.2013

रजिस्ट्रार परिपत्र दिनांक 08.08.2012.